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राम मंदिर चोरी कांड: 3 आरोपी रिमांड पर, खुलेगा ₹79 लाख का राज…

July 8, 2026 उत्तरप्रदेशराज्यलखनऊ

उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले की एक अदालत ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में गिरफ्तार 8 आरोपियों में से 3 को मंगलवार को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, अदालत ने अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे को पुलिस हिरासत में भेज दिया। इससे पहले अदालत ने 29 जून को सभी 8 आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था।

जेल में बंद साथियों से पूछताछ
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 5 जुलाई को जेल में बंद 5 अन्य आरोपियों से पूछताछ के दौरान मिली नई जानकारियों से तीनों आरोपियों का सामना कराने के लिए उनसे हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता थी। पुलिस ने अदालत को बताया कि पूछताछ से नए सुराग मिले हैं, जिस कारण तीनों आरोपियों को हिरासत में लेने का अनुरोध किया गया। इस मामले में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमा शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमा शंकर उर्फ टीनू आरोपी हैं।

₹79 लाख की बरामदगी
अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था हालांकि बाद में पुलिस की रिमांड याचिका मंजूर कर ली गई। पुलिस ने बताया कि आरोपियों से 79 लाख रुपए से अधिक की बरामदगी की गई है हालांकि, सुभाष श्रीवास्तव के मामले में ऐसा नहीं है, जिन्हें अब भी कथित साजिश का हिस्सा माना जा रहा है। जांचकर्ता इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि चढ़ावे की कथित चोरी मंदिर कर्मचारियों की कोई अलग-थलग की गई कार्रवाई थी या फिर यह अन्य लोगों को शामिल करते हुए किसी बड़ी साजिश का हिस्सा थी। इस मामले के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 3 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था।

SIT का बड़ा खुलासा
एसआईटी की प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपियों ने मंदिर की दान प्रबंधन व्यवस्था में मौजूद सुरक्षा खामियों का फायदा उठाया। जांचकर्ताओं ने 40 दिनों की अवधि में चोरी के करीब 70 संदिग्ध मामलों की पहचान की है। एसआईटी ने कर्मचारियों की सही तरीके से जांच न होना, सीसीटीवी निगरानी में कमी और कमजोर निगरानी व्यवस्था को उन कारणों के रूप में बताया, जिनकी वजह से दान पेटियों से बार-बार नकदी निकाली गई और इसका पता नहीं चल सका। एसआईटी, चढ़ावे में मिली राशि की गिनती प्रक्रिया की निगरानी करने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

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