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चीन को जवाब देने के लिए ताइवान का ‘मास्टरस्ट्रोक’

July 5, 2026 अन्तर्राष्ट्रीय

ताइवान अपनी रिजर्व मिलिट्री व्यवस्था में बड़े बदलाव कर रहा है। असके तहत अनिवार्य रिजर्व ट्रेनिंग की अवधि 7 दिन से बढ़ाकर 14 दिन की जा रही है और ड्रोन ऑपरेशन व अमेरिका में बने ‘हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम’ को शामिल किया जा रहा है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि गिरती जन्म दर और चीन से बढ़ते सैन्य दबाव के बीच सैनिकों की कमी निपटा जा सके।

दशकों में ताइवान की रिजर्स फोर्स में किए गए इन सबसे बड़े बदलावों का मकसद द्वीप की रक्षा क्षमताओं को मदबूत करना है, क्योंकि सैन्य सेवा के लिए योग्य लोगों की संख्या लगातार घट रही है।

रिजर्व सैनिकों के लिए 14 दिन का अनिवार्य ट्रेनिंग कोर्स

‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल से ताइवान ने अपने पुराने 5 से 7 दिन के रिवर्स कॉल-अप प्रोग्राम की जगह सभी योग्य रिजर्व सैनिकों के लिए 14 दिन का अनिवार्य ट्रेनिंग कोर्स शुरू किया है। पिछले महीने एक विधायी सुनवाई के दौरान, ताइवान के रक्षा मंत्री वेलिंगटन कू ली-ह्सियुंग ने कहा कि रिजर्व सैनिकों को आधुनिक सैन्य उपकरणों, जैसे ड्रोन और अमेरिका में बने HIMARS रॉकेट सिस्टम की ट्रेनिंग दी जाएगी।

कू ने कहा, “ड्रोन और अमेरिका में बने ‘हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम’ जैसे नए सिस्टम की ट्रेनिंग के अलावा, रिजर्व सैनिक अपनी उन यूनिट्स में लौटेंगे जो एक्टिव ड्यूटी के दौरान उनकी भूमिकाओं से मेल खाती थीं। यह सेना की ‘कर्मियों को उनकी मूल स्थिति में वापस लाने’ की नीति के तहत किया जाएगा।”

ताइवान का रक्षा मंत्रालय कानून में बदलाव करके रिजर्व मोबिलाइजेशन सिस्टम में रिटायर हो चुकी महिला वॉलंटियर सर्विस सदस्यों को भी शामिल करने की योजना बना रहा है। अधिकारियों का कहना है कि एक्टिव मिलिट्री यूनिट्स में सेवा देने वाली महिलाओं को सेवा छोड़ने के बाद भी राष्ट्रीय रक्षा में योगदान जारी रखना चाहिए।

मैनपावर की कमी से बदलाव की जरूरत

ये बदलाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब ताइवान को सैन्य कर्मियों की बढ़ती कमी का सामना करना पड़ रहा है।

2023 में पहली बार सैन्य सेवा के लिए योग्य पुरुषों की संख्या 1,00,000 से नीचे गिरकर 97,828 हो गई। ताइवान की विधायिका के बजट केंद्र के अनुसार, अगले साल यह संख्या और गिरकर 79,742 होने की उम्मीद है। भर्ती की कोशिशों के बावजूद ताइवान की सशस्त्र सेनाओं में कर्मचारियों की संख्या घटकर लगभग 79 प्रतिशत रह गई है।

सैन्य योजनाकारों ने चेतावनी दी है कि नए मिसाइल सिस्टम, ड्रोन और अन्य सैन्य उपकरणों के सेवा में आने के साथ ताइवान के सामने यह जोखिम है कि उसके पास आधुनिक हथियार तो होंगे, लेकिन उन्हें चलाने के लिए पर्याप्त प्रशिक्षित कर्मी नहीं होंगे।

आधुनिक युद्ध पर फोकस

अधिकारियों ने बताया कि नया ट्रेनिंग प्रोग्राम यूक्रेन युद्ध से मिले अनुभवों के आधार पर तैयार किया गया है, जहां ड्रोन, सटीक हमले और रिजर्व फोर्स ने अहम भूमिका निभाई है।

ताइवान की ‘ऑल-आउट डिफेंस मोबिलाइजेशन एजेंसी’ के अनुसार, रिजर्व सैनिकों को अब हर दिन लगभग 10 घंटे की ट्रेनिंग लेनी होगी, जिसमें लाइव-फायर ड्रिल, युद्ध के मैदान में प्राथमिक चिकित्सा छिपने की तकनीक टैक्टिकल मार्च और रात भर चलने वाली एक्सरसाइज शामिल हैं।

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