international

ट्रंप-चिनफिंग की मुलाकात से पहले ताइवान मुद्दे पर US का साफ मैसेज

May 11, 2026 अन्तर्राष्ट्रीय

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की प्रस्तावित मुलाकात से पहले अमेरिका ने ताइवान को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि ताइवान के मुद्दे पर अमेरिका की नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है और आगे भी ऐसा होने की उम्मीद नहीं है।

वॉशिंगटन में मीडिया से बातचीत के दौरान अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच ताइवान को लेकर लगातार बातचीत होती रही है। हाल की बैठकों में भी यह मुद्दा चर्चा का हिस्सा रहा, लेकिन इससे अमेरिका की आधिकारिक नीति में कोई बदलाव नहीं आया।

अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका आगे भी अपनी मौजूदा नीति पर कायम रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि ताइवान को लेकर दोनों देशों के बीच संवाद जारी है।

ताइवान को हथियार बिक्री पर भी चर्चा

अमेरिकी अधिकारियों ने ताइवान को हथियार बिक्री का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि ट्रंप प्रशासन ने अपने पहले वर्ष में ताइवान को जितने हथियार सौदों की मंजूरी दी, वह पिछली सरकार के पूरे चार साल से ज्यादा थी।

यह वीडियो भी देखें

https://www.youtube.com/embed/z9DNUXs8t7g?controls=0&playsinline=1&preload=metadata&enablejsapi=1&cc_load_policy=1&showinfo=0&rel=0&iv_load_policy=3&modestbranding=1Play0:00 / 3:51SettingsEnter fullscreen mode

उन्होंने ताइवान के हालिया रक्षा बजट पर भी प्रतिक्रिया दी। अधिकारियों ने कहा कि पिछले सप्ताह ताइवान ने अतिरिक्त रक्षा बजट पारित किया, लेकिन उसमें कुछ जरूरी प्रस्ताव शामिल नहीं किए गए, जिससे अमेरिका निराश है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ताइवान की सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए मूल रक्षा पैकेज के बाकी हिस्सों को भी मंजूरी मिलनी चाहिए।

ताइवान ने पारित किया अतिरिक्त रक्षा बजट

फोकस ताइवान की रिपोर्ट के अनुसार, ताइवान ने अमेरिकी सैन्य उपकरण खरीदने के लिए एक अतिरिक्त बजट विधेयक पारित किया है। इस योजना के तहत करीब 780 अरब ताइवानी डॉलर यानी लगभग 24.8 अरब अमेरिकी डॉलर तक खर्च किए जा सकते हैं।

इधर, अमेरिका में डेमोक्रेट और रिपब्लिकन सांसदों ने मिलकर एक प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें ताइवान के खिलाफ चीन की बढ़ती धमकियों पर चिंता जताई गई है। यह प्रस्ताव ट्रंप और शी जिनपिंग की प्रस्तावित शिखर वार्ता से पहले लाया गया है।

अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंध समिति ने कहा कि यह प्रस्ताव चीन से पैदा हो रहे सुरक्षा और आर्थिक खतरों को लेकर दोनों दलों की साझा चिंता को दर्शाता है। प्रस्ताव को डेमोक्रेट सांसद जीन शाहीन और क्रिस कून्स के साथ रिपब्लिकन सांसद पीट रिकिट्स ने पेश किया है।

ट्रंप-चिनफिंग की मुलाकात से पहले ताइवान मुद्दे पर US का साफ मैसेज

May 11, 2026 अन्तर्राष्ट्रीय

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की प्रस्तावित मुलाकात से पहले अमेरिका ने ताइवान को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि ताइवान के मुद्दे पर अमेरिका की नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है और आगे भी ऐसा होने की उम्मीद नहीं है।

वॉशिंगटन में मीडिया से बातचीत के दौरान अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच ताइवान को लेकर लगातार बातचीत होती रही है। हाल की बैठकों में भी यह मुद्दा चर्चा का हिस्सा रहा, लेकिन इससे अमेरिका की आधिकारिक नीति में कोई बदलाव नहीं आया।

अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका आगे भी अपनी मौजूदा नीति पर कायम रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि ताइवान को लेकर दोनों देशों के बीच संवाद जारी है।

ताइवान को हथियार बिक्री पर भी चर्चा

अमेरिकी अधिकारियों ने ताइवान को हथियार बिक्री का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि ट्रंप प्रशासन ने अपने पहले वर्ष में ताइवान को जितने हथियार सौदों की मंजूरी दी, वह पिछली सरकार के पूरे चार साल से ज्यादा थी।

यह वीडियो भी देखें

https://www.youtube.com/embed/z9DNUXs8t7g?controls=0&playsinline=1&preload=metadata&enablejsapi=1&cc_load_policy=1&showinfo=0&rel=0&iv_load_policy=3&modestbranding=1Play0:00 / 3:51SettingsEnter fullscreen mode

उन्होंने ताइवान के हालिया रक्षा बजट पर भी प्रतिक्रिया दी। अधिकारियों ने कहा कि पिछले सप्ताह ताइवान ने अतिरिक्त रक्षा बजट पारित किया, लेकिन उसमें कुछ जरूरी प्रस्ताव शामिल नहीं किए गए, जिससे अमेरिका निराश है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ताइवान की सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए मूल रक्षा पैकेज के बाकी हिस्सों को भी मंजूरी मिलनी चाहिए।

ताइवान ने पारित किया अतिरिक्त रक्षा बजट

फोकस ताइवान की रिपोर्ट के अनुसार, ताइवान ने अमेरिकी सैन्य उपकरण खरीदने के लिए एक अतिरिक्त बजट विधेयक पारित किया है। इस योजना के तहत करीब 780 अरब ताइवानी डॉलर यानी लगभग 24.8 अरब अमेरिकी डॉलर तक खर्च किए जा सकते हैं।

इधर, अमेरिका में डेमोक्रेट और रिपब्लिकन सांसदों ने मिलकर एक प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें ताइवान के खिलाफ चीन की बढ़ती धमकियों पर चिंता जताई गई है। यह प्रस्ताव ट्रंप और शी जिनपिंग की प्रस्तावित शिखर वार्ता से पहले लाया गया है।

अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंध समिति ने कहा कि यह प्रस्ताव चीन से पैदा हो रहे सुरक्षा और आर्थिक खतरों को लेकर दोनों दलों की साझा चिंता को दर्शाता है। प्रस्ताव को डेमोक्रेट सांसद जीन शाहीन और क्रिस कून्स के साथ रिपब्लिकन सांसद पीट रिकिट्स ने पेश किया है।

About The Author

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button