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राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से मिले कोषाध्यक्ष गोविंद देव

July 8, 2026 उत्तरप्रदेशराज्यलखनऊ

राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के पत्र लिखकर बयान जारी करने के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने उनसे बुधवार सुबह मुलाकात की। जारी किए गए पत्र में चंपत राय ने कहा था कि एसआईटी की जांच पूरी होने के बाद वह सभी सवालों के जवाब देंगे।

राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से बुधवार को ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी ने तीर्थ क्षेत्र भवन में बंद कमरे में मुलाकात की। चंपत राय के पद छोड़ने के बाद दोनों की यह पहली भेंट मानी जा रही है। इससे पहले चंपत राय ने पत्र जारी कर एसआईटी जांच पूरी होने के बाद सभी सवालों के जवाब देने की बात कही थी। छह जुलाई को हुई ट्रस्ट की बैठक में भी चंपत राय शामिल नहीं हुए थे।

चंपत राय ने पूरे मामले में अनिल मिश्रा को ठहराया जिम्मेदार
इसके पहले, चढ़ावा चोरी पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने लंबी चुप्पी तोड़ते हुए पूरे मसले के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) और ट्रस्ट के सदस्य रहे अनिल मिश्रा को जिम्मेदार ठहराया है। सोशल मीडिया में वायरल हो रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) को भेजे गए पत्र में उन्होंने दान की गणना प्रक्रिया से जुड़े कई बिंदुओं पर एसबीआई की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। एसआईटी को लिखे पत्र में उन्होंने अपने बयान को जांच के रिकॉर्ड का हिस्सा बनाने का अनुरोध किया है।

उन्होंने पत्र में लिखा कि 6 फरवरी 2025 को जारी गणना प्रक्रिया के लिए बैंक और ट्रस्ट की ओर से संयुक्त रूप से निर्धारित दिशा-निर्देश से वह पूरी तरह असहमत हैं। इस दस्तावेज पर ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और एसबीआई अयोध्या शाखा के मुख्य प्रबंधक के हस्ताक्षर हैं। चंपत ने दावा किया कि उन्हें इस दिशानिर्देश पत्र की जानकारी 13 जून को ट्रस्ट के अकाउंट कार्यालय से मिली। उन्होंने कहा कि अगस्त 2020 से इस साल जून तक ट्रस्ट और अन्य संस्थाओं के बीच हुए सभी महत्वपूर्ण अनुबंधों पर उनके हस्ताक्षर हैं, ऐसे में इस महत्वपूर्ण दस्तावेज पर उनसे हस्ताक्षर न कराना कई सवाल खड़े करता है।

उन्होंने कहा कि यदि उस समय वह अयोध्या में नहीं थे तो उनके लौटने तक प्रतीक्षा की जानी चाहिए थी। पत्र में उन्होंने 9 फरवरी 2024 को ट्रस्ट और एसबीआई के बीच हुए एमओयू का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस एमओयू के प्रत्येक पृष्ठ पर उनके हस्ताक्षर हैं और उसमें गणना प्रक्रिया की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, लोहे की जाली वाला दरवाजा सहित कई प्रावधान किए गए थे। हालांकि, इस वायरल पत्र पर अभी तक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और एसआईटी की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की गई है।

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